शनिवार, 2 अक्तूबर 2010

बापू

एक बार फिर से आओ बापू
हमको कुछ सिखाओ बापू
अन्धकार में डूबे हैं
अब उजाले लाओ बापू


हर जगह देश में दंगे हैं
आतंकी लफंगे हैं
उग्रवाद फैलाते हैं
गोली बम चलाते हैं
हथियार इनसे छीन कर
अहिंसा का पाठ पढाओ बापू

एक बार फिर से आओ बापू
हमको कुछ सिखाओ बापू

विदेशी माल मंगाते हैं
शौंक से घर में लाते हैं
रोटी भाजी छोड़ कर
पिज्जा बर्गर खाते हैं विदेशी इनकी छुडवा कर
स्वदेशी सिखलाओ बापू
एक बार फिर से आओ बापू
हमको कुछ सिखाओ बापू

नेता
टेरीकोट अपनाते हैं
देश का पैसा लूट कर
स्विस में जमा करवाते हैं
उल्टे इनके धंधे हैं
हमाम में सारे नंगे हैं
धोती इनको पहनाओ बापू
एक बार फिर से आओ बापू
हमको कुछ सिखाओ बापू

(अगर मेरी आवाज़ बापू तक पहुँच रही हो तो उन्हें एक सन्देश देना चाहूँगा )

कि आंसू न बहाना बापू
नहीं आ सकते तो मत आना बापू
यहाँ सांडरस जैसे कई बैठे हैं
भगत सिंह को भिजवाना बापू
नेता सुभाष को भिजवाओ बापू
भारत देश बचाओ बापू
हमारा देश बचाओ बापू

2 टिप्‍पणियां:

funandbliss.blogspot.com ने कहा…

शुभकामनाएं ।

Unknown ने कहा…

Bapu ko dharti pe na layein harminder ji

Atey hi voh pareshan ho jayenge.

Gore angrez to unhone bhagaa diye..

kaley angrezon ko bhaganey wala

aladin ka chirag bapu kahan se layeinge.